करसन दास की बेहतरीन Motivational Story In Hindi For Success

नमस्कार दोस्तों, आज के लेख में, मै आपको एक बहुत की अच्छी Motivational Story In Hindi For Success कहानी सुनाने वाले हु।

कररसन दास की बेहतरीन Motivational Story In Hindi For Success

यह कहानी है एक बड़े परिवार की उनके घर में किसी भी प्रकारकी कोई समस्या नहीं थी, बड़ा सा महेल जैसा घर, 10 – 12 फेक्टरिस और लाखों-करोडो का सालाना turnover.

rich-men
“करसन दास की बेहतरीन Motivational Story In Hindi For Success”

उस परिवार के मुख्या का नाम कररसन दास है।

एक बार करसन दास शाम के तकरीबन 7 बजे अपने घर पर आये, घरमें देखा तो परिवार के सारे लोग ईश्वर की पूजा-भक्ति कर रहे थे, सत्संग कर रहे थे।

Note: ऑनलाइन शॉपिंग करे – पुरे भारत में फ्री शिपिंग और पुरे भारत में Cash On Delivery available है.Rathod Creation

करसन दास जी इस पूजा-भक्ति से थोड़ा दूर रहते थे, इसलिए वह अपने कमरे में गए और नोकर को वह रामप्रसाद मेरे लिए एक पानी का ग्लास लेकर आओ।

रामप्रसाद ने पानी का ग्लास लेकर उनके शेठ यानी करसन दास को दिल, और करसन दास पानी पीकर सो गए, थोड़ी देर हुयी तो करसन दास जी को ह्रदय में दर्द होना शरू हो गया।

motivational-story-in-hindi-for-success
“करसन दास की बेहतरीन Motivational Story In Hindi For Success”

करसन दास जी ने तुरंत रामप्रसाद को आवाज लगायी और कहा कि रामप्रसाद जल्दी से डॉक्टर को call करो,मुझे ह्रदय में दर्द होना शरू हो गया है।

फिर रामप्रसाद ने डॉक्टर को call किया और करसन दास जी के सारे परिवार वाले को भी यह बात की खबर पंहुचा दी।

थोड़ी देर बाद डॉक्टर आये, और डॉक्टर ने करसन दास जी का check up किया और कहा कि, करसन दास जी आपको कोई तकलीफ नहीं है आप एक दम स्वस्थ है।

यह सुनकर करसन दास जी बोले डॉक्टर यह कैसे हो सकता है, मुझे कुछ दवाई लिख दीजिये में पि लेता हूं।

doctor-check-karsan-das
“करसन दास की बेहतरीन Motivational Story In Hindi For Success”

फिर डॉक्टर ने एक इजेक्शन लगाया और नींद की टेबलेट दे दी। ताकि वो अच्छे सो सके, और एक दम फ्रेश हो जाए।

फिर करसन दास जी को अच्छी सी नींद आ गयी।

फिर अगले दिन करसन दास जी सुबह के तकरीबन 4:30 AM को जग गए, और उन्होंने सोचा की बहार एक चक्कर लगा कर आता हूं।

tommy-with-karsan-das
“करसन दास की बेहतरीन Motivational Story In Hindi For Success”

करदास जी अपने tommy को लेकर बहार टहलने निकले (tommy उनके कुते का नाम था), tommy इधर-उधर दौड़ने लगा फिर करसन दास जी भी tommy के पीछे भागने लगे और tommy को पकड़ लिया।

अब तकरीबन 5:00 AM बज चुके थे, करसन दास जी ने सोचा की अब में घर चला जाता हूं।

करसन दास जी थोड़े आगे चले तो उन्हें एक महिला के रोने की आवाज आई।
करसन दास जी ने मन ही मन सोचा की क्या में देख कर आउ वो महिला क्यों रो रही है?

फिर करसन दास जी को दूसरा विचार की में क्यों दुसरो के घर में दखल्ली दू, चलो में चलता हूं अपने घर।

लेकिन थोड़ी देर बाद करसन दास जी को एक और मन ही मन विचार आया की में उस महिला को पूछ ही आता हूं कि वह क्यों रो रही है?

फिर करसन दास जी उस महिला के घर पर गए, और डोर को खट-खटाया। फिर जो महिला रो रही थी उसने दरवाजा खोला।

जैसे ही महिला ने दरवाजा खोला, तो करसन दास जी ने हाथ जोड़ कर कहा बहन जी गलतमत समझना में यहाँ से जा रहा था तो आपके रोने की आवाज सुनी, इसलिए में आपसे पूछने आया हु की आप क्यों रो रहे है।

वह बहेन ने कहा कि यह मेरी बेटी है, यह बीमार हो गयी है, डॉक्टर ने कहा है कि आपकी बेटी के इलाज का खर्चा 30,000 रुपए होगा।

लेकिन इतने सारे पैसे मेरे पास नहीं है। यह सुनकर करसन दास जी बोले, क्या आपको रोने से पैसे मिल जाएंगे, वह महिला बोली,नहीं, लेकिन रोने के अलावा में और करू भी क्या? में लोगो के घर जाकर जाड़ू-पोछा करती हूं।

यह सुनकर करसन दास जी बोले, तो आप उनसे थोड़े पैसे मांगिये जिसके घर पर आप काम करते है।

यह सुनकर वह महिला बोली, मेने उनसे बात की लेकिन उन्होंने कहा कि हमारे पास इतने सारे पैसे नहीं है।

फिर करसन दास जी ने कहा कि लेकिन इस तरह सुबह के पाँच बजे रोने से कोई आपकी हेल्प नहीं करेगा।

यह सुनकर वह महिला बोली शेठ में ऐसे ही नहीं रो रही, कल हमारे घर पर एक साधू आये थे, उन्होंने मुझे कहा कि तुम कल सुबह पाँच बजे रोना, कल तुम्हारे घर एक बड़े घर के इंसान आएंगे वह तुम्हारी हेल्प अवश्य करेगे।

sadhu-mahatma

यह सुनकर करसन दास जी बोले, आपकी बेटी की सारी दवाई का खर्चा में दूँगा, और आप अब हमारी फेक्ट्री में काम करेंगे, आप हमारी फेक्ट्री में जहाँ चाहे वहाँ काम कर सकते है।

यह सुनकर वह महिला बेहद ही खुश हो गयी और करसन दास जी का आभार व्यक्त किया।

फिर करसन दास जी वहाँ से चले गए, और सोचने लगे की वह साधू ने ऐसा क्यों कहा होगा।

फिर करसन दास मन ही मन बोले, जो हुआ वह अच्छा हुआ, अब करसन दास जी को जो व्हेम था कि मुझे ह्रदय में दर्द हो रहा है, वह भी दूर हो गया और सारी बेचेनी भी दूर हो गयी।

यहाँ पर हमारी “करसन दास की बेहतरीन Motivational Story In Hindi For Success” खत्म होती है.

सिख: यह कहानी से हमें सिख मिलती है कि यदि ईश्वर ने हमको जरूरत से ज्यादा दिया है तो उन्हें लोगो के साथ शेयर करना चाहिए। लोगो के साथ अपनी चीजे शेयर करने से एक अलग ही आनंद का अनुभव होता है।

Leave a Reply